मेरे लिए तुम काफी हो

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Mar 5, 2020

तेरी मेरी आसी जज गाई कहनी के जज जता दो नादियोन का पैनी मुजे आवे तेरे साथ रहना है

जाना तुम ही हो तेता बानी जानी के ऐ जिंदगी जिंदगी में सुहानी मुजे हर पल तेरे साथ रहना है

तू कुच्छ अधोर से

हम भए कछ अवध

आधार आ हम जो दोनो मिला दे से बान जाएगे आपनी इक जिन्दगानी

ये दुइया मिले ना मिले हमको खुशियां डेंगी हर गम को तुम सेठ हो के प्यार बाकि हो मेरे लई तुम कफी हो

मेरे लीये तुम काफ़ी हो मेरे लीये तुम काफ़ी हो

एक अस्सलामन के हैं हम सितार के

के टकराते हैं तोते हैं बन गए

मुजे तुमसे पार ये कहना है

चके जो दो सठ चले हैं थोडे

घिसने रगडने में चल चलें

पर यूं हाय तो काटे नहीं कच्छे कनारे

ये दिल जो ढाले तेरी अदब में

शमील किया है इबादत में थोडी खुदा से भी माफ़ी हो

मेरे लीये तुम काफ़ी हो

मेरे लिये तुम कैफी हो मेरे लीये तुम कैफी हो मेरे लीये तुम कैफी हो

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