तजसे नरज नन्हि है जिंदगी

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Feb 20, 2020

तुझसे नाराज़ नहीं ज़िन्दगी हैरान हूँ मैं तेरे मासूम सवालों से परेशान हूँ मैं जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द संभालने होंगे मुस्कुराये तो मुस्कुराने के कर्ज उतारने होंगे मुस्कुराऊं कभी तो लगता है जैसे होंठों पे क़र्ज़ रखा है तुझसे… तुझसे… आज अगर भर आई है बूंदे बरस जाएगी कल क्या पता किनके लिए आँखें तरस जाएगी जाने कब गुम हुआ, कहाँ खोया इक आंसू छुपा के रखा था तुझसे..

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