जनमो जनमो

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Feb 23, 2020

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरते हैं हम ना तुझसे जुदा पेने के तुझको क्या हमको खट्टा अब जो कोई भी आता है तो साजा

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरते हैं हम ना तुझसे जुदा पेने के तुझको क्या हमको खट्टा अब जो कोई भी आता है तो साजा

जब भई लिकेगा तुझ ही लिकेगा मेरी तकेदार में मेरा खुदा

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरके भी है ना हम तुझसे जुदा

लाफज़ोन की धरती बंजारे उगते हैं, कंकर पथार सचचे हैं, जज्बे मेरे जज़्बे को याद करते हैं, मोहरे आंखें में मुझे पधार ले आजा धड़कन में सूरज डूब जाते हैं

महसोस करले जान इस दिल की बेज़ुबानी

खामोशी की पाल्कोन पार हर आनसु इक कहनी खामोशी की पलकोन पार हर आनसु इक कहनी तोतेगेन जाब ये आपसु होगि सदा गूंजेगी कहो तो ये साड़ी फिजा

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरके भी है ना हम तुझसे जुदा

तेरा मेरा ये रिश्ता है आसमनो पे लइका ना इसको नाम कोई ना कोई दोस्ती है तोद के साए में भीगे निकले हद्दन से आवे दीवांगी की खातिर हम साथ में हैं सेहरा

मरके भी होंग तुझसे जुदा।

हम तुम बन जाते हैं, पिन्का पे किस्का पेहरा, हम तुम भी हैं, पैनी हैं, पेस्का पे, आजाद फितरत से, हम हैं, मरजी से अपना बरसे हैं,

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरके भी है ना हम तुझसे जुदा

जनमो जनम का तुझसे रिश्त मेरा मरके भी है ना हम तुझसे जुदा

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