चंद मेरा नराज है

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Feb 20, 2020
  • चाँद मेरा नाराज़ है ना बात करे ना मिलता है कैसे उसको समझाऊँ ना समझे रिश्ता दिल का है हफ़्तों से कितने उसने ना बात की मुझको पता भी नहीं किस बात की नाराजगी
  • चाँद मेरा नाराज़ है ना बात करे ना मिलता हैभी है इन दुनिया में परकैसे उसको समझाऊँना समझे रिश्ता दिल का हैभीड़ है इतनी दुनिया में परकोई न अपना दिखता हैलोग हैं पागल न समझें जोतेरा मेरा रिश्ता हैतुझको भी तो है न मोहब्बतफिर क्यों दूरी रखता है शब्द में ना सुबह मेंशाम ढले वो मिलता है कैसे उसको समझाऊँ समझे रिश्ता दिल का है रस्में ऐसी दुनिया की है।जिनसे दिल ये डरता है दिल बेबस है मिलना चाहे रोता है तड़पता हैदिल मर सकता है तो तेरे बिनजी नहीं सकता है बिन बीते जो पलहर पल लगता मुश्किल सा हैमुझको बात पता है ये समझे रिश्ता दिल का है हफ़्तों से कितने उसने ना बात की मुझको पता भी नहीं किस बात की नाराजगी

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