खुदा भी जब

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Feb 18, 2020

राहों में हमको मिलो
जहाँ बस प्यार हो
सर पे फिजाओं के
इश्क सवार हो

आसमान को फिर ज़मीन से
इतनी मोहब्बत हो
वफ़ा फैली हो ज़मीन पे
चाहतों की सोहबत हो

झील के पानी में
इश्क ही बहता हो
इश्क हो दुआ बस
इश्क इबादत हो

खुदा भी जब तुम्हे मेरे पास देखता होगा
इतनी अनमोल चीज़ दे दी कैसे, सोचता होगा

सुबह का चैन मेरा
शाम का सुकून है

मेरा
जुनून
है
दर्द तुझे हो अगर
आँख मेरी रोटी है
जुदा होक मर जायेंगे
हमे मालूम है

खुदा भी जब तुम्हे मेरे पास देखता होगा
दो बदन एक जान दे दी कैसे, सोचता होगा

कितना सुकून मिले
संग तेरे ऐ सनम
दूर कभी जाकर
करना न हमपे सितम

तू है तो ज़िन्दगी ये कितनी हसीं है
बिन तेरे फीकी है
तुझसे रंगीन है
हर एक सांस मेरी मुझसे ये कहती है
मेरे आसमान की तू ही ज़मीन हैखुदा भी जब तुम्हे मेरे पास
देखता होगा
ना अनमोल चीज ददी कैसे
सोचता होगा

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